CLAT Preparation

कपिल सिब्बल नेट वर्थ

कपिल सिब्बल ने 2022 के राज्यसभा हलफनामे में ₹516.45 करोड़ की पारिवारिक नेट वर्थ घोषित की, जो 2004 में सिर्फ ₹15.9 करोड़ थी। जानिए यह पैसा कहां से आता है, उनके पास क्या क्या है, और भारत के सबसे चर्चित सीनियर एडवोकेट की पूरी कहानी।

By Anand Sharma14 min readUpdated 29 Sept 2026

Direct answer

78 साल के कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और उत्तर प्रदेश से निर्दलीय राज्यसभा सांसद हैं। 2022 के हलफनामे में उनकी संपत्ति ₹608.61 करोड़ और नेट वर्थ ₹516.45 करोड़ है। लगभग पूरी दौलत उनकी वकालत से आई है, जिससे उस हलफनामे से पहले के पांच सालों में उन्होंने हर साल ₹61 करोड़ से ₹103 करोड़ तक कमाए। 2004 के बाद से उनकी घोषित संपत्ति करीब 38 गुना बढ़ी है।

Key takeaways

  • नेट वर्थ: ₹516.45 करोड़ (₹608.61 करोड़ संपत्ति में से ₹92.16 करोड़ देनदारी घटाकर), 2022 के राज्यसभा हलफनामे के अनुसार।
  • बढ़ोतरी: घोषित संपत्ति 2004 में ₹15.89 करोड़ थी, जो 2022 में ₹608.61 करोड़ हो गई, यानी लगभग 38 गुना।
  • आय: पांच वित्त वर्षों में कुल ₹388.79 करोड़ की आय घोषित की, यानी औसतन ₹77.76 करोड़ सालाना।
  • सबसे कीमती प्रॉपर्टी: नई दिल्ली के C-1 महारानी बाग का घर, कीमत ₹53.26 करोड़।
  • देनदारी का सच: ₹92.16 करोड़ की देनदारी में से करीब ₹87.22 करोड़ वह रकम है जो उनकी पत्नी को उन्हीं को लौटानी है, इसलिए परिवार पर बाहरी कर्ज ₹5 करोड़ से भी कम है।
  • फीस: 2015 में Legally India के सर्वे में वकीलों ने बताया कि वे सुप्रीम कोर्ट में एक पेशी के ₹8 लाख से ₹15 लाख तक लेते थे।
  • करियर: पांच केंद्रीय मंत्रालय, चांदनी चौक से दो बार लोकसभा जीत, चार बार SCBA अध्यक्ष, और अनुच्छेद 370, चुनावी बॉन्ड और तीन तलाक जैसे मामलों में अहम भूमिका।
Table of ContentsJump to main headings and subheadings.

2026 में कपिल सिब्बल की नेट वर्थ कितनी है?

कपिल सिब्बल की सबसे ताजा घोषित नेट वर्थ ₹516.45 करोड़ है। यह आंकड़ा 25 मई 2022 को दाखिल शपथपत्र से आता है, जब उन्होंने समाजवादी पार्टी के समर्थन से उत्तर प्रदेश से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा का नामांकन भरा था। उम्मीदवार को अपनी, अपने जीवनसाथी की और आश्रितों की संपत्ति और देनदारी बतानी होती है, इसलिए इस आंकड़े में कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी प्रमिला सिब्बल दोनों शामिल हैं।

इसके बाद उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा, इसलिए इससे नया कोई शपथ लिया हुआ आंकड़ा मौजूद नहीं है। उनका मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 4 जुलाई 2028 को खत्म होगा, और नया हलफनामा तभी आएगा जब वे अगला चुनाव लड़ेंगे। कोई वेबसाइट अगर "2026 की नेट वर्थ" के नाम पर ₹516.45 करोड़ से अलग आंकड़ा दे रही है, तो वह अंदाजा लगा रही है, रिपोर्ट नहीं कर रही।

2022 के हलफनामे की झलक

मद

राशि

कुल संपत्ति (स्वयं और पत्नी)

₹608.61 करोड़

अचल संपत्ति (जमीन और इमारतें)

₹232.49 करोड़

चल संपत्ति (जमा, निवेश, दिए गए कर्ज आदि)

₹376.12 करोड़

कुल देनदारी

₹92.16 करोड़

नेट वर्थ

₹516.45 करोड़

घोषित आपराधिक मामले

कोई नहीं

स्रोत: कपिल सिब्बल का 2022 का राज्यसभा हलफनामा, MyNeta (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) द्वारा संकलित।

उनकी करीब 62% दौलत बैंक जमा और निवेश जैसी चल संपत्ति में है। बाकी 38% प्रॉपर्टी में है।

2004 से 2022 तक कपिल सिब्बल की संपत्ति कैसे बढ़ी

जब भी कपिल सिब्बल ने चुनाव लड़ा या मंत्री रहे, उन्हें अपनी संपत्ति घोषित करनी पड़ी। इन सभी घोषणाओं को एक साथ रखने पर साफ दिखता है कि वकालत बढ़ने के साथ उनकी दौलत कैसे बढ़ी।

साल

मौका

घोषित कुल संपत्ति

2022 तक बढ़ोतरी

2022

राज्यसभा, उत्तर प्रदेश (निर्दलीय)

₹608.61 करोड़

सबसे ताजा

2016

राज्यसभा, उत्तर प्रदेश (कांग्रेस)

₹171.43 करोड़

3.6 गुना

2014

लोकसभा, चांदनी चौक

₹114.47 करोड़

5.3 गुना

2011

केंद्रीय मंत्री के रूप में संपत्ति घोषणा

₹38.01 करोड़

16.0 गुना

2009

लोकसभा, चांदनी चौक

₹31.97 करोड़

19.0 गुना

2004

लोकसभा, चांदनी चौक

₹15.89 करोड़

38.3 गुना

दो छलांगें सबसे खास हैं। 2009 से 2014 के बीच उनकी संपत्ति करीब 258% बढ़ी, जिसकी मुख्य वजह घोषित प्रॉपर्टी की कीमत का ₹25.21 करोड़ से बढ़कर ₹101.09 करोड़ होना था। दूसरी छलांग 2016 से 2022 के बीच आई, जब कुल संपत्ति साढ़े तीन गुना से ज्यादा हो गई। यह वही दौर है जब मंत्री पद छोड़ने के बाद वे पूरी तरह सुप्रीम कोर्ट की प्रैक्टिस में लौट आए थे।

2004, 2009, 2014 और 2016 में उनकी घोषित देनदारी शून्य थी। बड़ी देनदारी पहली बार 2022 में दिखती है, और नीचे देनदारी वाला हिस्सा बताता है कि यह आम मायने में कर्ज क्यों नहीं है।

कपिल सिब्बल की कमाई कहां से आती है

कपिल सिब्बल की दौलत लगभग पूरी तरह उनकी वकालत से आती है। 2022 के हलफनामे में उनका पेशा सीनियर एडवोकेट और पत्नी का पेशा व्यापार लिखा है। उन्होंने कोई पारिवारिक कारोबार या बड़ी शेयरहोल्डिंग घोषित नहीं की है जिससे इन आंकड़ों की कोई और वजह बने।

आयकर रिटर्न के अनुसार कपिल सिब्बल की आय

वित्त वर्ष

घोषित आय (स्वयं)

2020 से 2021

₹61.18 करोड़

2019 से 2020

₹66.04 करोड़

2018 से 2019

₹69.83 करोड़

2017 से 2018

₹103.54 करोड़

2016 से 2017

₹88.19 करोड़

पांच साल का कुल

₹388.79 करोड़

उनकी पत्नी प्रमिला सिब्बल ने 2020 से 2021 के लिए ₹81.75 लाख की आय घोषित की।

औसतन करीब ₹77.76 करोड़ सालाना की कमाई कपिल सिब्बल को देश के सबसे ज्यादा कमाने वाले वकीलों में रखती है। उनकी आय 2017 से 2018 में ₹103.54 करोड़ के शिखर पर पहुंची और उसके बाद हर साल ₹61 करोड़ से ₹70 करोड़ के बीच रही।

कपिल सिब्बल की एक सुनवाई की फीस

सीनियर एडवोकेट अपनी फीस सार्वजनिक नहीं करते, इसलिए कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। सबसे ज्यादा उद्धृत अनुमान सितंबर 2015 के Legally India सर्वे से आता है, जिसमें सीनियर वकीलों को केस देने वाले दिल्ली के 32 से ज्यादा वकीलों से बात की गई थी। उस रिपोर्ट के अनुसार पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में एक पेशी के कम से कम ₹8 लाख और अधिकतम ₹15 लाख लेते थे। इस स्तर की फीस हर पेशी पर लगती है, और किसी बड़े केस में दर्जनों सुनवाइयां हो सकती हैं।

यह अनुमान अब दस साल से ज्यादा पुराना है। तब से सीनियर वकीलों की फीस बढ़ी है, लेकिन किसी भरोसेमंद नए सर्वे में उनकी दर नहीं बताई गई, इसलिए ऑनलाइन दिखने वाला कोई भी मौजूदा आंकड़ा अंदाजा ही है। पूरे पेशे की तस्वीर के लिए हमारी गाइड भारत के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले वकील पढ़ें।

कपिल सिब्बल का घर और प्रॉपर्टी

2022 में कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी ने मिलकर ₹232.49 करोड़ की जमीन और इमारतें घोषित कीं, जिनमें ₹143.09 करोड़ उनके नाम और ₹89.40 करोड़ पत्नी के नाम हैं। उनकी सबसे कीमती संपत्तियां रिहायशी हैं।

प्रॉपर्टी

विवरण

घोषित कीमत (2022)

C-1, महारानी बाग, नई दिल्ली

7,200 वर्ग फुट के प्लॉट पर घर, 1982 में खरीदा

₹53.26 करोड़

C-749, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, नई दिल्ली

विरासत में मिली रिहायशी प्रॉपर्टी

₹34.54 करोड़

अक्रुति स्टार, मुंबई

2018 में खरीदा अपार्टमेंट

₹20.28 करोड़

कैट्रियोना रेजिडेंशियल, गुरुग्राम

फ्लैट J-902, 2016 में खरीदा

₹6.69 करोड़

सभी श्रेणियों को मिलाकर 2022 के हलफनामे में करीब ₹112 करोड़ की रिहायशी इमारतें, ₹64 करोड़ की कमर्शियल इमारतें, ₹36 करोड़ की खेती की जमीन और ₹18 करोड़ के प्रॉपर्टी एडवांस दर्ज हैं।

कपिल सिब्बल का घर कहां है?

कपिल सिब्बल दक्षिण पूर्वी दिल्ली के C-1, महारानी बाग में रहते हैं। उन्होंने यह प्लॉट 1982 में खरीदा था, सीनियर एडवोकेट बनने से एक साल पहले, और तब से यह हर हलफनामे में दर्ज है। 2016 में इसकी कीमत ₹55.93 करोड़ और 2022 में ₹53.26 करोड़ बताई गई। यह मामूली गिरावट घोषित मूल्यांकन में बदलाव की वजह से है, बिक्री की वजह से नहीं।

उनके पुराने हलफनामों में बेंगलुरु के पास येलहंका और तेलंगाना के मोमिनपेट में खेती की जमीन, हैदराबाद और सिकंदराबाद में रिहायशी प्लॉट, और चंडीगढ़ व लुधियाना में कमर्शियल प्रॉपर्टी भी दर्ज है। पत्नी के हिस्से में चंडीगढ़, लुधियाना और बेंगलुरु की विरासती प्रॉपर्टी और नई दिल्ली के औरंगजेब रोड की एक प्रॉपर्टी में चौथाई हिस्सा शामिल है।

₹92 करोड़ की देनदारी का असली मतलब

ज्यादातर नेट वर्थ वाले पेज ₹92.16 करोड़ की देनदारी का आंकड़ा बिना समझाए दोहरा देते हैं। हलफनामा इसकी सीधी कहानी बताता है। इसमें से करीब ₹87.22 करोड़ वह कर्ज है जो प्रमिला सिब्बल को खुद कपिल सिब्बल को लौटाना है। यही रकम कपिल सिब्बल की चल संपत्ति में दिए गए कर्ज के रूप में और पत्नी की देनदारी में लिए गए कर्ज के रूप में दिखती है।

घर के बाहर से देखें तो यह कर्ज आपस में कट जाता है। बाहरी कर्जदाताओं का परिवार पर बकाया ₹5 करोड़ से भी कम है, और ₹516.45 करोड़ की नेट वर्थ किसी भी तरह गिनें, वही रहती है। सीधे शब्दों में, सिब्बल परिवार पर बाहरी कर्ज लगभग नहीं के बराबर है।

कपिल सिब्बल कौन हैं?

कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट, पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। वे पिछले तीन दशकों के कई सबसे बड़े संवैधानिक मामलों में बहस करने और चार बार सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहने के लिए जाने जाते हैं।

प्रोफाइल

विवरण

पूरा नाम

कपिल सिब्बल

जन्म तिथि

8 अगस्त 1948

उम्र

78 वर्ष (सितंबर 2026 तक)

जन्म स्थान

जालंधर, पंजाब

पेशा

सीनियर एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया

मौजूदा पद

राज्यसभा सांसद (उत्तर प्रदेश), 2022 से 2028

राजनीतिक स्थिति

निर्दलीय, समाजवादी पार्टी का समर्थन

पूर्व पार्टी

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (16 मई 2022 को छोड़ी)

पिता

हीरा लाल सिब्बल

पत्नी

नीना सिब्बल (विवाह 1973, निधन 2000); प्रमिला सिब्बल (विवाह 2005)

संतान

दो बेटे, अमित सिब्बल और अखिल सिब्बल

निवास

C-1, महारानी बाग, नई दिल्ली

नेट वर्थ

₹516.45 करोड़ (2022 हलफनामा)

कपिल सिब्बल की उम्र

कपिल सिब्बल का जन्म 8 अगस्त 1948 को पंजाब के जालंधर में हुआ था, यानी 2026 में उनकी उम्र 78 साल है। 2022 के हलफनामे में उनकी उम्र 73 साल दर्ज थी।

कपिल सिब्बल की शिक्षा

कपिल सिब्बल ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में BA और MA किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ लॉ से LLB पूरा किया। 1977 में उन्होंने हार्वर्ड लॉ स्कूल से LLM किया, जिसका जिक्र आज भी उनके आधिकारिक परिचय में सबसे पहले होता है।

लोग अक्सर "डॉ कपिल सिब्बल" सर्च करते हैं, लेकिन उनकी घोषित डिग्रियां इतिहास में MA, LLB और LLM हैं। कुछ लेखक सम्मान में "डॉ" लिख देते हैं, पर उनके हलफनामों में कोई डॉक्टरेट दर्ज नहीं है।

वकील कपिल सिब्बल: बार में करियर

कपिल सिब्बल 1972 में वकील के रूप में पंजीकृत हुए और 8 नवंबर 1983 को, 35 साल की उम्र में, सीनियर एडवोकेट बने। वे दिसंबर 1989 से 1990 तक भारत के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल रहे।

वे चार बार सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए: 1995 से 1996, 1997 से 1998, 2001 से 2002, और 2024 से 2025। उनका आखिरी कार्यकाल मई 2025 में खत्म हुआ, जब सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने चुनाव जीतकर उनकी जगह ली।

"कपिल सिब्बल एडवोकेट" या "एडवोकेट कपिल सिब्बल" सर्च करने वाले ज्यादातर लोग जानना चाहते हैं कि वे किसकी तरफ से बहस करते हैं और कितनी फीस लेते हैं। व्यवहार में वे अक्सर विपक्षी दलों, उनकी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार की नीतियों को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश होते हैं, और साथ में उनकी बड़ी कमर्शियल प्रैक्टिस भी है।

कपिल सिब्बल के मशहूर केस

केस

साल

कपिल सिब्बल की भूमिका

नतीजा

चुनावी बॉन्ड

2024

योजना के खिलाफ बहस की

15 फरवरी 2024 को योजना रद्द

अनुच्छेद 370 हटाने का मामला

2023

याचिकाकर्ताओं की ओर से मुख्य बहस; 16 दिन की सुनवाई में सबसे लंबी बहस

दिसंबर 2023 में कोर्ट ने फैसला बरकरार रखा

के.एस. पुट्टास्वामी (निजता का अधिकार)

2017

निजता को मौलिक अधिकार मानने के पक्ष में बहस

निजता मौलिक अधिकार घोषित

शायरा बानो (तीन तलाक)

2017

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से बहस

तत्काल तीन तलाक असंवैधानिक

राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद

2017

इकबाल अंसारी की ओर से पेश; सुनवाई 2019 चुनाव के बाद कराने की मांग

कोर्ट ने मांग नहीं मानी; अंतिम फैसला 2019 में

जस्टिस वी. रामास्वामी महाभियोग

1993

संसद में जज का बचाव किया

लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव गिर गया

अयोध्या मामले में पेशी उनके कानूनी करियर के सबसे बड़े विवादों में से एक बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनवाई टालने की मांग की आलोचना की, और सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा कि सिब्बल उसके वकील नहीं हैं। बाद में रिकॉर्ड से साफ हुआ कि वे सबसे पुराने पक्षकार हाशिम अंसारी के वारिस इकबाल अंसारी की ओर से पेश हुए थे।

मंत्री के रूप में कपिल सिब्बल: पिछले पद

"कपिल सिब्बल के पिछले पद" और "कपिल सिब्बल मंत्री" सर्च करने वालों के लिए यह सूची है। 2004 से 2014 के बीच मनमोहन सिंह सरकार में उनके पास पांच मंत्रालय रहे।

पद

कब से

कब तक

राज्यसभा सांसद (उत्तर प्रदेश)

5 जुलाई 2022

वर्तमान (कार्यकाल 4 जुलाई 2028 तक)

राज्यसभा सांसद (उत्तर प्रदेश)

5 जुलाई 2016

4 जुलाई 2022

कानून और न्याय मंत्री

11 मई 2013

26 मई 2014

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री

19 जनवरी 2012

26 मई 2014

मानव संसाधन विकास मंत्री

29 मई 2009

29 अक्टूबर 2012

पृथ्वी विज्ञान मंत्री

29 जनवरी 2006

22 मई 2009

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री

23 मई 2004

22 मई 2009

लोकसभा सांसद (चांदनी चौक)

10 मई 2004

16 मई 2014

राज्यसभा सांसद (बिहार)

8 जुलाई 1998

13 मई 2004

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया

दिसंबर 1989

1990

मानव संसाधन विकास मंत्री रहते हुए उनके कार्यकाल में 2010 में शिक्षा का अधिकार कानून लागू हुआ। दूरसंचार मंत्री के रूप में 2011 में उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई कि 2G स्पेक्ट्रम आवंटन से सरकारी खजाने को "जीरो लॉस" हुआ, जबकि CAG ने इससे अलग आकलन दिया था।

कपिल सिब्बल की राजनीतिक पार्टी

कपिल सिब्बल तीन दशक से ज्यादा समय तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में रहे। उन्होंने 2004 और 2009 में चांदनी चौक लोकसभा सीट जीती, लेकिन 2014 में हार गए।

वे G-23 समूह का हिस्सा थे, जिसके वरिष्ठ नेताओं ने 2020 में कांग्रेस नेतृत्व को संगठन में सुधार के लिए पत्र लिखा था। उन्होंने 16 मई 2022 को पार्टी छोड़ी और नौ दिन बाद अखिलेश यादव की मौजूदगी में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा का नामांकन भरा। समाजवादी पार्टी के समर्थन से वे जीत गए।

इसलिए अगर आप पूछ रहे हैं कि "कपिल सिब्बल किस पार्टी में हैं", तो आज का जवाब है: किसी में नहीं। वे राज्यसभा में विपक्ष के साथ खड़े निर्दलीय सांसद हैं। मार्च 2023 में उन्होंने "इंसाफ" नाम का गैर चुनावी मंच शुरू किया, ताकि उनके शब्दों में अन्याय के खिलाफ लड़ा जा सके, और विपक्षी नेताओं से इसका समर्थन मांगा। वे आज भी सरकार के मुखर आलोचक हैं; सितंबर 2026 में अपनी खुद की वोटर एंट्री पर नोटिस मिलने के बाद उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना की।

कपिल सिब्बल का परिवार

कपिल सिब्बल के पिता: हीरा लाल सिब्बल

कपिल सिब्बल के पिता हीरा लाल सिब्बल अपने दौर के सबसे सम्मानित वकीलों में थे। 24 सितंबर 1914 को लाहौर में जन्मे हीरा लाल ने 1937 में वहीं वकालत शुरू की और 1945 में लेखक सआदत हसन मंटो और इस्मत चुगताई का अश्लीलता के मामलों में बचाव किया। बंटवारे के बाद उन्होंने पंजाब में वकालत की और पहले पंजाब, फिर हरियाणा के एडवोकेट जनरल रहे। इंटरनेशनल बार एसोसिएशन ने 1994 में उन्हें "लिविंग लीजेंड ऑफ लॉ" सम्मान दिया, और 2006 में उन्हें पद्म भूषण मिला। 29 दिसंबर 2012 को 98 साल की उम्र में चंडीगढ़ में उनका निधन हुआ।

हीरा लाल सिब्बल के चार बेटे थे। कंवल सिब्बल भारत के विदेश सचिव बने, और दो अन्य बेटे, वीरेंद्र और जितेंदर, भारतीय प्रशासनिक सेवा में रहे।

कपिल सिब्बल की पत्नी: नीना सिब्बल और प्रमिला सिब्बल

कपिल सिब्बल ने 1973 में नीना सिब्बल से शादी की। 2 अगस्त 1948 को पुणे में जन्मी नीना 1972 में भारतीय विदेश सेवा में आईं और बाद में पेरिस में यूनेस्को में भारत की स्थायी प्रतिनिधि और न्यूयॉर्क में यूनेस्को के संपर्क कार्यालय की निदेशक रहीं। वे एक प्रसिद्ध उपन्यासकार भी थीं। उनका पहला उपन्यास यात्रा (1987), जो एक सिख परिवार की सौ साल से ज्यादा की कहानी है, इंटरनेशनल ग्रां प्री फॉर लिटरेचर से सम्मानित हुआ। बाद में उन्होंने The Secret Life of Gujjar Mal and Other Stories (1991) और The Dogs of Justice (1998) लिखीं। जून 2000 में न्यूयॉर्क में स्तन कैंसर से नीना सिब्बल का निधन हो गया।

2005 में कपिल सिब्बल ने प्रमिला सिब्बल से शादी की, जो उनकी मौजूदा पत्नी हैं। हलफनामों में उनका पेशा व्यापार लिखा है, और चंडीगढ़, लुधियाना और बेंगलुरु में उनके पास विरासत में मिली बड़ी प्रॉपर्टी है।

कपिल सिब्बल के बेटे

कपिल और नीना सिब्बल के दो बेटे हैं, अमित सिब्बल और अखिल सिब्बल। दोनों ने पिता और दादा की तरह वकालत को चुना, जिससे सिब्बल परिवार तीन पीढ़ियों का कानूनी परिवार बन गया।

क्या कपिल सिब्बल की बेटी है?

नहीं। कपिल सिब्बल के दो बेटे हैं और कोई बेटी नहीं है। दोनों बेटे उनकी पहली पत्नी नीना सिब्बल से हैं।

अखिल सिब्बल की पत्नी

अखिल सिब्बल अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक नहीं करते। न उन्होंने और न उनके परिवार ने किसी आधिकारिक परिचय या रिकॉर्ड में उनकी पत्नी का नाम बताया है, इसलिए हमने यहां कोई नाम नहीं लिखा है।

सिब्बल परिवार एक नजर में

"सिब्बल" सरनेम अकेले हर महीने हजार से ज्यादा बार सर्च होता है, ज्यादातर उन लोगों द्वारा जो किसी नाम को पहचानना चाहते हैं। यहां देखें कौन कौन है:

  • हीरा लाल सिब्बल: पिता, सीनियर एडवोकेट, पद्म भूषण (2006)

  • कंवल सिब्बल: भाई, भारत के पूर्व विदेश सचिव

  • कपिल सिब्बल: सीनियर एडवोकेट, पूर्व केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा सांसद

  • नीना सिब्बल: पहली पत्नी, राजनयिक और उपन्यासकार

  • प्रमिला सिब्बल: दूसरी पत्नी

  • अमित सिब्बल और अखिल सिब्बल: बेटे, दोनों वकील

कपिल सिब्बल का धर्म और जाति

कपिल सिब्बल हिंदू हैं और लाहौर से जुड़ी जड़ों वाले पंजाबी परिवार से आते हैं, जहां से उनके पिता बंटवारे के बाद भारतीय पंजाब आए। लोकप्रिय बायोग्राफी वेबसाइटें उनके परिवार को पंजाब के खत्री समुदाय का बताती हैं। उनके आधिकारिक परिचय और चुनावी हलफनामों में जाति का कोई जिक्र नहीं है, और सिब्बल ने कभी जाति या धार्मिक पहचान पर राजनीति नहीं की। अपने पूरे करियर में उन्होंने अल्पसंख्यक संस्थाओं और धर्मनिरपेक्ष मुद्दों के लिए भी मुकदमे लड़े हैं।

कपिल सिब्बल की किताबें

कपिल सिब्बल कविता के साथ कानूनी और राजनीतिक टिप्पणियां भी लिखते हैं। उनकी किताबें हैं:

  • I Witness: Partial Observations (2008), सार्वजनिक जीवन पर कविताओं का संग्रह

  • My World Within, कविताओं का दूसरा संग्रह

  • Shades of Truth: A Journey Derailed (2018, रूपा पब्लिकेशंस), नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की आलोचना

  • Reflections: In Rhyme and Rhythm, रूपा से प्रकाशित काव्य संग्रह

उन्होंने 2016 की फिल्म शोरगुल के गीत भी लिखे और 2014 के एल्बम रौनक में ए.आर. रहमान के साथ काम किया, जिसमें उनकी कविताओं को संगीत में ढाला गया।

किसी भी नेता की नेट वर्थ खुद कैसे जांचें

अगर आप कानून के छात्र या शोधकर्ता हैं, तो आपको सेलिब्रिटी वेबसाइटों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। संसद या विधानसभा का हर उम्मीदवार जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 33A और सुप्रीम कोर्ट के 2002 के फैसले Union of India v. Association for Democratic Reforms के तहत शपथपत्र दाखिल करता है।

  1. भारत निर्वाचन आयोग का हलफनामा आर्काइव या एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की वेबसाइट MyNeta खोलें।

  2. उम्मीदवार का नाम सर्च करें और चुनाव का साल चुनें।

  3. चल और अचल संपत्ति का कुल देखें, फिर देनदारी देखें।

  4. संपत्ति में से देनदारी घटाकर नेट वर्थ निकालें, और पति पत्नी के बीच के कर्ज पर ध्यान दें, जैसा कपिल सिब्बल के मामले में है।

  5. अलग अलग सालों के हलफनामों की तुलना करके बढ़ोतरी देखें।

इस पेज का हर आंकड़ा इसी तरीके से जांचा गया है।

Blog FAQs

Questions answered in this article

Quick answers for the most common follow-up questions around this topic.

मई 2022 में राज्यसभा नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे के अनुसार कपिल सिब्बल की नेट वर्थ ₹516.45 करोड़ है। उन्होंने ₹608.61 करोड़ की कुल संपत्ति और ₹92.16 करोड़ की देनदारी घोषित की।